दिलीप घोष के अनुसार, अब तक भाजपा के 250 से अधिक कार्यकर्ताओं की कथित रूप से हत्या की जा चुकी
कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि इस सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस ने खुलेआम आतंक और हिंसा का रास्ता अपना लिया है।
डोमजुड़ ब्लॉक अंतर्गत जगदीशपुर ग्राम पंचायत के तांतीपाड़ा गांव में रविवार आयोजित ग्रामसभा से सीधे संबोधित करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर तृणमूल कांग्रेस गुंडागर्दी पर उतर आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी के नेता, मंत्री और स्वयं मुख्यमंत्री मतदाता सूची से नाम हटाने के विरोध में लोगों को खुलेआम धमका रहे हैं।
दिलीप घोष ने कहा कि बीडीओ कार्यालयों पर हमले किए जा रहे हैं और चुनाव की आधिकारिक घोषणा से पहले ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक हिंसा फैलाना शुरू कर दिया गया है। यह सीधे-सीधे लोकतंत्र और संविधान पर हमला है।
भाजपा नेता ने कहा कि तृणमूल शासन में अपने ही राज्य में बंगाल के लोग सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि बीते दस वर्षों में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं पर लगातार हमले हुए हैं।
दिलीप घोष के अनुसार, अब तक भाजपा के 250 से अधिक कार्यकर्ताओं की कथित रूप से हत्या की जा चुकी है।
उन्होंने चुनाव आयोग से तत्काल और कठोर हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते तृणमूल की गुंडागर्दी पर लगाम नहीं लगाई गई, तो राज्य में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराना असंभव हो जाएगा। लोकतंत्र की रक्षा के लिए चुनाव आयोग को बिना किसी राजनीतिक दबाव के निर्णायक कदम उठाने होंगे।